परसों, सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी वालों को 'प्रधानमंत्री स्वनिधि' (PM SVANidhi) योजना के तहत लोन कार्ड जारी करने का शिविर नेल्लई के मेलपालयम जोनल कार्यालय में चल रहा था। चिलचिलाती धूप में दस-बीस रुपये का सामान बेचकर अपना गुजारा करने वाले वे गरीब व्यापारी इस उम्मीद के साथ वहां आए होंगे कि सरकार उन्हें कुछ छोटी रकम कर्ज के रूप में देकर उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाएगी। लेकिन, उनकी मदद करने के लिए 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत अनुबंध पर काम करने वाले मोहम्मद इब्राहिम नाम के एक प्रचारक की शर्ट की जेब से 2,200 रुपये और दूसरे मोहम्मद इब्राहिम की पैंट के पर्स से 6,600 रुपये की बेहिसाब नकदी मिली है। यह इस बात का जीता-जागता सबूत है कि कैसे उन्होंने गरीब लोगों की मेहनत की कमाई का बेरहमी से शोषण किया है।
एक तरफ जहां गरीबों से सीधे तौर पर वसूली का खेल चल रहा था, वहीं दूसरी तरफ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर 'डिजिटल वसूली' भी हो रही थी। अतिरिक्त उप-निरीक्षक के रूप में कार्यरत सुंदरराज की पैंट की जेब में मिले 500 रुपये के अलावा, उनके बैंक खाते में 'फोनपे' (PhonePe) के माध्यम से कई किस्तों में 90,500 रुपये जमा हुए हैं। रिश्वत लेने में भी कितनी 'आधुनिक' प्रगति हुई है!
लेकिन, इन सबसे बड़ी विडंबना मेलपालयम जोन के सहायक आयुक्त चंद्र मोहन के कार्यालय कक्ष में मिली चीजें हैं। जनता की शिकायतों को सुनकर उनका समाधान करने वाले एक उच्च अधिकारी के कमरे की अलमारी में दो स्कॉच व्हिस्की (Teacher's Highland Cream Blended Scotch Whisky) की बोतलें और दो फ्रेंच ब्रांडी (Nicol's Black and Gold French Brandy) की बोतलें, कुल मिलाकर शराब की चार बोतलें छिपाकर रखी गई थीं। क्या हम इस बात को इतनी आसानी से नजरअंदाज कर सकते हैं कि एक सरकारी अधिकारी अपने कार्यालय के समय में ही सत्ता के नशे के साथ-साथ शराब के नशे में भी डूबने के लिए तैयार था?
दिन भर कड़ी मेहनत कर, पसीना बहाकर उस दिन की रोटी के लिए संघर्ष करने वाले लोगों का पैसा चूसकर, वातानुकूलित कमरों में शराब के प्याले भरने की इस दुर्दशा को क्या कहा जाए?
बंद कमरों में 'किसी को पता नहीं चलेगा' सोचकर इनके द्वारा रचे जा रहे इस नाटक को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की औचक छापेमारी ने पूरे शहर के सामने उजागर कर दिया है। हर बार जब इस तरह अधिकारी रंगे हाथों पकड़े जाते हैं, तो क्या वे दरवाजे पर इंतजार कर रहे उस गरीब व्यापारी के टूटे हुए भरोसे को वापस लौटा सकते हैं? इस मामले में 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।
